<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> शायर वही जो अपनी कलम से न सिर्फ इश्क के मचलते अरमान लिखे बल्कि सुलगते अरमान भी लिखे दे. कवि वही जो केवल श्रृंगार रस की कविताओं में ही न खोया रहे बल्कि वक्त आने पर हुकूमत के खिलाफ भी कलम चलाए. कलम की दुनिया की एक ऐसी
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